रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- आचार्य दीपक तेजस्वी ने कहा कि सावन शिवरात्रि का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व बताया गया है। सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने व उनका जलाभिषेक करने से भगवान शिव के साथ माता पार्वती की कृपा भी प्राप्त होती है। इस बार की सावन शिवरात्रि मंगलवार को है, जो बहुत ही खास है। मंगलवार को योगों के दुर्लभ संयोग इसे खास बना रहे हैं। आचार्य दीपक तेजस्वी ने बताया कि 11 अगस्त को पड़ने वाली सावन शिवरात्रि पर कर्क राशि में सूर्य, गुरु, बुध और चंद्रमा की युति से दुर्लभ चतुर्ग्रही योग बन रहा है। इसके साथ ही बुधादित्य योग और गजकेसरी योग का भी अत्यंत शुभ संयोग हो रहा है।
चतुर्ग्रही योग में कर्क राशि में चार ग्रह सूर्य, गुरु, बुध और चंद्रमा के एक साथ आने से आर्थिक लाभ होता है। सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनता है। इस योग के बनने से तेज बुद्धि और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है।व्यापार, लेखन, पत्रकारिता और प्रशासनिक कार्यों में विशेष सफलता मिलती है। समाज में सम्मान, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है। गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग बनता है। गज का अर्थ हाथी और केसरीश् का अर्थ सिंह यानि शेर होता है। हाथी ऐश्वर्य, विशालता और शक्ति का प्रतीक है, जबकि सिंह वीरता, निडरता और नेतृत्व का प्रतीक है। इन दोनों का मेल भक्त को जीवन में उच्च पद, मान-सम्मान और समृद्धि दिलाता है।