कई शुभ योगों का संयोग राधा अष्टमी पर्व को खास मनाया जाएगाः आचार्य दीपक तेजस्वी


◼️शनिवार को राधा रानी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11.01 बजे से दोपहर 01.28 बजे तक रहेगा



रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- आचार्य दीपक तेजस्वी ने कहा कि राधा अष्टमी का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। इस बार कई शुभ योग बनने से राधा अष्टमी पर्व और भी खास हो गया है। आचार्य दीपक तेजस्वी ने बताया कि राधा अष्टमी पर्व पर शनिवार को रवि योग, आयुष्मान योग व बुधादित्य योग बन रहे हैं। इन शुभ योग में राधा रानी की पूजा-अर्चना करने से बुद्धि, ज्ञान, जीवन में तरक्की, अच्छे स्वास्थ्य व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। सभी प्रकार के दोष दूर होने से कार्यो में संफलता मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा सं जीवन हमेशा खुशहाल रहता है भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य मध्यरात्रि में हुआ था और जन्माष्टमी पर्व पर आधी रात को विशेष पूजा की जाती है। 

वहीं राधा रानी का प्राकट्य भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दोपहर के समय हुआ था। इसी कारण राधा अष्टमी के दिन राधा रानी की पूजा दोपहर में करना अधिक फलदायी रहती है। शनिवार को राधा रानी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11.01 बजे से दोपहर 01.28 बजे तक रहेगा। इस दिन व्रत रखकर अगले दिन नवमी तिथि पर व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन विधि-विधान से राधा-कृष्ण की आराधना करने से भक्तों पर सुख-सौभाग्य औरे राधा-कृष्ण की कृपा बरसती है। भगवान श्रीकृष्ण की आराधना राधा रानी के बिना अधूरी मानी जाती है। जिस प्रकार कृष्ण सर्वव्यापी हैं, उसी प्रकार राधा उनकी आंतरिक शक्ति और प्राणों की अधिष्ठात्री हैं। शास्त्रों में राधा रानी को देवी महालक्ष्मी का अवतार और प्रेम, करुणा तथा भक्ति की देवी बताया गया है। 

इस दिन जो भक्त व्रत रखकर विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं, उनके जीवन में सुख, शांति, प्रेम और सौभाग्य की वृद्धि होती है। साथ ही  वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहता है तथा संतान सुख की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति राधा नाम का स्मरण करता है, उस पर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।

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