रिपोर्ट :- अजय रावत
गाज़ियाबाद :- एचआरआईटी विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। मुख्य वक्ता नागेंद्र पाराशर, निदेशक, पाराशर इंडस्ट्रीज़ ने अनुसंधान, कौशल निर्माण और नवाचार की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि वास्तविक क्षमता निर्माण ही भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाएगा।
कुलपति प्रो. (डॉ.) डी.के. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय तकनीक‑समेकित शिक्षा और क्षमता निर्माण को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। प्रो‑चांसलर डॉ. अंजुल अग्रवाल ने उद्योग और शिक्षा के बीच सेतु निर्माण को विश्वविद्यालय की प्राथमिकता बताया। कुलाधिपति डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा कि अनुसंधान और स्किलिंग पर ध्यान केंद्रित कर ही भारत तकनीक आधारित विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ सकता है।
इस अवसर पर छात्रों और संकाय सदस्यों ने मिलकर चर्चा की कि कैसे शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़कर नवाचार‑प्रधान पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकता है।