वनवास के दौरान श्री राम ने मारे हजारों राक्षस, लक्ष्मण ने काटी सूर्पनखा की नाक


◼️वेश बदल कर रावण ने किया सीता का हरण



रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- श्री रामलीला समिति की ओर से राजनगर में चल रही रामलीला में मंचन के दौरान श्री राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन-वन विचरण कर रहे हैं। वन में वह खरदूषण से युद्ध के दौरान अपनी मायावी शक्ति से एक साथ हजारों राक्षसों का वध करते हैं। दूसरी ओर रावण की बहन सूर्पनखा की नाक लक्ष्मण जी के द्वारा काटने के बाद रावण के द्वारा सीता हरण, आदि प्रसंगों की प्रस्तुति की गईं। 

रामलीला मंचन के दौरान श्री राम माता  सीता एवं लक्ष्मण के साथ वन - वन विचरण कर  रहे हैं । वन में रहने वाले तमाम राक्षस श्री राम  के हाथों मरकर अपनी मुक्ति चाहते हैं। इसलिए वह राम को  युद्ध के लिए ललकारते हैं। तब राम अपनी मायावी शक्ति को प्रयोग करके एक ही बाण से एक साथ हजारों राक्षसों का वध करते हैं। रावण की बहन सूर्पनखा वन में लक्ष्मण से हास - परिहास करती है,  जिससे लक्ष्मण जी को गुस्सा आ जाता हैं और वह सूर्पनखा की नाक काट लेते हैं। अपमानित होकर सूर्पनखा अपनी  बात छुपा कर अपने भाई रावण को जाकर लक्ष्मण के खिलाफ शिकायत करती है। 

बहन के अपमान से क्रोधित लंकापति रावण अपने मामा मारीचि के साथ षडयन्त्र रचता है। मारीचि सोने का मृग बन कर विचरण कर रहा है। तब सीता जी उस मायावी सोने के मृग को पकड़ने का आग्रह करती हैं। रामचन्द्र जी उस मायावी हिरण का शिकार करने वन में जाते हैं। वन में राम जी की कातर आवाज सुन कर सीता जी अपने देवर लक्ष्मण से आग्रह करती है कि वह जाकर श्री राम जी की मदद  करें। तब लक्ष्मण जी एक रेखा खींच कर उस रेखा से बाहर नहीं निकलने का आग्रह करके राम जी की मदद के लिए वन में जाते हैं। तभी पीछे से रावण साधू का वेष धारण करके भिक्षा मांगने आता है। जैसे ही माता सीता लक्ष्मण जी द्वारा खींची गई रेखा को पार करती हैं उनका हरण कर लिया जाता है।

इस मौके एन एच आई के चैयरमेन संतोष यादव मुख्य अतिथि के रूप में तथा भाजपा नेता कैप्टन विकास गुप्ता , रोटेरियन जेके गौड़, सुभाष जैन, दीपक गुप्ता आदि  विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस मौके पर समिति के संस्थापक एवं संरक्षक जितेन्द्र यादव तथा नरेश सिंघल, अध्यक्ष जयकुमार गुप्ता,  महामंत्री दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष आर के शर्मा,  मेला प्रबंधक एस एन अग्रवाल, स्वागताध्यक्ष योगेश गोयल, पार्षद प्रवीण चौधरी,  राजीव मोहन गुप्ता, आर एन पाण्डेय, ब्रजमोहन सिंघल, सुभाष शर्मा, आलोक मित्तल, दीपक मित्तल , अमरीश त्यागी, राजीव  त्यागी, जी.पी. अग्रवाल, सुन्दर लाल यादव, मुकेश मित्तल, विनोद गोयल, राजीव गुप्ता, प्रचार मंत्री रेखा अग्रवाल, सौरभ गर्ग, दिनेश शर्मा, मोतीलाल गर्ग, अनिल कुमार क्वालिटी स्टील वाले, मनीष  वशिष्ठ, मदन लाल हरित, डीके गोयल, दीपक सिंघल, गोल्डी सहगल, ओमप्रकाश पोपली भोला, विजय लुम्बा, पंकज भारद्वाज, जेपी  राणा, श्रीमती उषा गुप्ता, श्रीमती  मंजू त्यागी, श्रीमती प्रीति मित्तल  सहित राजनगर के  कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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