रिपोर्ट :- विकास शर्मा
हरिद्वार :- तीर्थ नगरी हरिद्वार में आगामी 2 अक्टूबर को मध्य रात्रि को 20 दिनों के लिए वार्षिक सफाई रजवाहो व माइनरी की सिल्ट सफाई तथा गंग नहर में घाटों की सफाई व मरम्मत हेतु सिंचाई विभाग द्वारा वार्षिक नहरबंदी की घोषणा कर दी गई है। सिंचाई विभाग ने वार्षिक नहरबंदी का रोस्टर जारी कर दिया गया है। दो अक्टूबर को गंगनहर आपूर्ति हरिद्वार से बंद कर दी जाएगी।सिंचाई विभाग के अंतर्गत मेरठ, मुजफ्फरनगर व अनपूशहर तीनों खंडों में रजवाहों व माइनरों की कुल लंबाई 680 किमी में सिल्ट सफाई की जाएगी।
इसके लिए शासन ने 3.28 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी है। दो अक्टूबर को गंगनहर में जलापूर्ति बंद हो जाएगी, जिसके बाद दीपावली की रात यानी 21 अक्टूबर को हरिद्वार से गंगनहर में जलापूर्ति चालू कर दी जाएगी। अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि इस योजना में शामिल किए गए रजवाहों की लंबाई 400 किमी व माइनरों (अल्पिकाओं) की लंबाई 280 शामिल है।
प्रतिवर्ष सिंचाई विभाग द्वारा गंगनहर की वार्षिक मेंटेनेंस हेतु नहरबदी की जाती है। जिसमें सिंचाई विभाग वर्ष भर में एक बार गंगनहर और उससे जुड़े रजवाहों व माइनरों में पानी की आपूर्ति बंद कर देता है। लगभग 20 दिनों के इस समयकाल में रजवाहों व माइनरों में जमी सिल्ट, कबाड़, घास-फूस झाड़ व मलबा आदि सभी कुछ जेसीबी मशीनों की सहायता से साफ किया जाता है। जिसमें घाटों की सफाई व घाटों की मरम्मत का कार्य भी पूर्ण किया जाता है।