तीर्थ नगरी हरिद्वार में आज मध्य रात्रि से 18 दिनों के लिए गंग नहर वार्षिक मेंटेनेंस हेतु‌ आगामी 7 नवंबर ‌तक होगी बंद




रिपोर्ट :- विकास शर्मा

हरिद्वार :- तीर्थ नगरी हरिद्वार में‌ ‌ गंगनहर आज ‌20अक्टूबर ‌को मध्य रात्रि को‌ 18 दिनों के लिए वार्षिक सफाई रजवाहो व ‌माइनरी की सिल्ट सफाई तथा नहर में घाटों की सफाई व मरम्मत‌ हेतु ‌बंद की जाएगी। सिंचाई विभाग द्वारा वार्षिक ‌नहरबंदी की घोषणा कर दी गई है। सिंचाई विभाग ने वार्षिक नहरबंदी का रोस्टर जारी कर दिया गया है। आज मध्य रात्रि से को गंगनहर आपूर्ति हरिद्वार से बंद कर दी जाएगी।सिंचाई विभाग के अंतर्गत मेरठ, मुजफ्फरनगर व अनपूशहर तीनों खंडों में रजवाहों व माइनरों की कुल लंबाई 680 किमी में सिल्ट सफाई की जाएगी।

नहर बंदी के विषय में सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने जानकारी देते हुए बताया वार्षिक बंदी के दौरान हरकी पौड़ी तथा घाटों में श्रद्धालुओं के स्नान हेतु पर्याप्त मात्रा में 200 क्यूसेक जल उपलब्ध रहेगा। प्रतिवर्ष सिंचाई विभाग द्वारा गंगनहर की वार्षिक‌ मेंटेनेंस हेतु नहरबदी‌ की जाती है। जिसमें सिंचाई विभाग वर्ष भर में एक बार गंगनहर और उससे जुड़े रजवाहों व माइनरों में पानी की आपूर्ति बंद कर देता है। विदित हो प्रतिवर्ष वार्षिक बंदी ‌पर घाटों में तथा हर की पौड़ी पर गंगा का जल स्तर कम होने के कारण तीर्थ पुरोहित और  सामाजिक कार्यकर्ता ‌नहरबंदी के खिलाफ सिंचाई विभाग का विरोध करते हैं। 

लगभग 18 दिनों के इस समयकाल में रजवाहों व माइनरों में जमी सिल्ट, कबाड़, घास-फूस झाड़ व मलबा आदि सभी कुछ जेसीबी मशीनों की सहायता से साफ किया जाता है। जिसमें घाटों की सफाई व घाटों की मरम्मत का कार्य भी पूर्ण किया जाता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है की नहरबंदी के दौरान श्रद्धालुओं के स्नान हेतु हरकी पौड़ी पर पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध होगा।

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