हरिद्वार नगरी के कनखल स्थित निर्मल विरक्त कुटिया में बैसाखी व खालसा दिवस पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया





रिपोर्ट :- विकास शर्मा

हरिद्वार :- हरिद्वार की ‌उपनगरीकनखल स्थित निर्मल विरक्त कुटिया में बैसाखी पर्व खालसा जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया। संगत ने गुरु ग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेका और शबद कीर्तन का आनंद लिया। इस दौरान रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। रक्तदान शिविर में सिख समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।                   

कनखल स्थित निर्मल विरक्त कुटिया ऐतिहासिक गुरुद्वारे में बैसाखी पर्व खालसा जन्म दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में संगत ने पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेका। ज्ञानी प्रीतम सिंह, ज्ञानी शमशेर सिंह, ज्ञानी मालक सिंह, ज्ञानी हरबीर सिंह ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने रक्तदान शिविर में स्वैच्छिक रक्तदान भी किया। 

बाबा सुलतान लाड़ी और बाबा पंडत ने कहा कि दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह ने धर्म की रक्षा के लिए खालसा की स्थापना की थी। सिख समाज ने सरकार से गुरुद्वारा हेतु भूमि आवंटन के लिए गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया। गुरुद्वारे के लिए 14 अप्रैल को दिनारपुर से हरकी पैड़ी तक यात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर बाबा सुखा सिंह कार सेवा दिल्ली वाले, उज्जल सिंह सेठी, सूबा सिंह ढिल्लों, सतपाल सिंह चौहान, अनूप सिंह, सुखदेव सिंह, हरजीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, लाहौरी सिंह, अनूप सिंह सिद्धू आदि उपस्थित रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post