विशाल वाणी.....✍🏻
यूपी/आगरा :- भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) आगरा द्वारा आयोजित शिक्षाविद, रंगकर्मी, समाजसेवी श्रीमती अरुणा रघुवंशी स्मृति विचार गोष्ठी "महिला दिवस की सार्थकता : आज के समय में" नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।सर्वप्रथम गणमान्य अतिथियों ने श्रीमती अरुणा रघुवंशी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। दिलीप रघुवंशी ने अरुणा रघुवंशी का परिचय पढ़ा. कार्यक्रम के प्रारंभ में परमानन्द शर्मा के संगीत निर्देशन में इप्टा आगरा के कलाकारों ने दो सुमधुर होली गीत प्रस्तुत किए। इन होली गीतों ने कार्यक्रम में एक अलग ही समां बांध दिया।
मुख्य वक्ता डॉ मधुरिमा शर्मा ने कहा कि साल में एक दिन महिलाओं का महिमा मंडन करना उचित नहीं माना जा सकता और एक महिला जो परिवार और समाज की धुरी है उसे इंसान के रूप में स्वीकार किया जाना अति आवश्यक है। समाज में व्याप्त दोहरे चरित्र की आलोचना करते हुए उन्होंने अपने कथन की पुष्टि की।प्रोफेसर ज्योत्स्ना रघुवंशी ने बताया कि वर्ष 2026 के महिला दिवस का नारा है, "अधिकार, न्याय और कार्यवाही :सभी महिलाओं और बच्चियों के लिए" पर वास्तविकता बहुत भयावह है, तमाम आँकड़ों और संकीर्ण मानसिकता ने पोल खोल दी है। कथनी करनी का अंतर इतना गहरा है कि महिला दिवस मना कर औपचारिकता पूरी करने जैसा है, मगर कोशिश जारी रखनी होगी। अन्य मुख्य वक्ताओं में डॉ शशि तिवारी, प्रो रामवीर सिंह, हरीश चिमटी व श्रीमती प्रियंका मिश्रा रहे।
इस अवसर पर शीरोज हैंग आउट की रूकैया खातून का सम्मान किया गया। रूकैया एसिड अटैक पीड़िता रही हैं और अब मुख्य धारा में इस चेतना को बढ़ा रही हैं। अपराधिक हिंसा के शिकार होने के बाद भी जीवन महत्वपूर्ण है, इसलिए अपने ग़म से निकल कर समाज की बेहतरी के लिए काम करो। ये कार्यक्रम का सबसे उजला रूप था जिसका उपस्थित जन समुदाय ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
इस अवसर पर उदय प्रकाश की कविता का पाठ माही वी कुमार ने करके श्रोताओं का मन मोह लिया।
इप्टा के कलाकारों ने रस परिवर्तन में अहम योगदान दिया और रोचक होली के रसिया प्रस्तुत किए। कलाकार थे परमानंद शर्मा, कुमकुम रघुवंशी, मुक्ति किंकर, असलम खान, शकील चौहान, जय कुमार, आशुतोष गौतम और ढोलक पर संगत संजय ने दी। अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं वयोवृद्ध समाजसेवी सरला जैन महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम की प्रशंसा की। संचालन दिलीप रघुवंशी ने किया व धन्यवाद शकील चौहान ने ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे अशोक रावत, नीरज मिश्रा, रमेश पंडित, किरण सिंह, डॉ महेश ढाकरे, ज्योति खंडेलवाल, गायत्री सिंह, राम भारत, अभय पोटाडे, अहमद हसन, भारत सिंह सिकरवार, उमेश शर्मा, रविन्द्र तालेगांवकर, आनंद प्रकाश, टोनी फास्टर, राजश्री, धर्मजीत सिंह, भंते अमर ज्योति और हिना आदि रहे।