◼️याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं का अनुपस्थित होना देरी का बन रहा है बड़ा कारण
◼️जनता का अटूट विश्वास माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय, गुमराह होने से बचें कर दाता
◼️27 को होगी हाउस टैक्स पर सुनवाई, उच्च न्यायालय का निर्णय है सर्वोपरि --मुख्य कर निर्धारण अधिकारी/प्रभारी राजस्व
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- नगर निगम तथा शहर का हर नागरिक हाउस टैक्स के निर्णय पर इंतजार में है, शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए हाउस टैक्स की अटकी हुई स्थिति का स्पष्ट होना बेहद जरूरी है पूर्व पार्षद राजेंद्र त्यागी तथा पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल द्वारा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका 1427/2025 की हुई है जिस पर निर्णय आना अभी बाकी है। उच्च न्यायालय में निर्धारित दिनांक पर सुनवाई हो रही है, याचिका कर्ताओं के अधिवक्ताओं का समय से उपस्थित न होना हाउस टैक्स के निर्णय में बाधा उत्पन्न करना ही है।
दिनांक 19 नवंबर 2025, दिनांक 26 नवंबर 2025, दिनांक 16 जनवरी 2026 में भी वादी के पुकार लगने पर भी अनुपस्थित पाए गए जिस कारण हाउस टैक्स के प्रकरण में अंतिम निर्णय में देरी हो रही है अंतिम निर्णय उच्च न्यायालय द्वारा ही लिया जाएगा जो की सर्वोपरि है उससे पहले किसी प्रकार का कोई बदलाव करना न्याय हित में उचित नहीं होगा, गाजियाबाद नगर निगम तथा शहर के हर नागरिक का भरोसा है कि शहर हित में न्याय संगत निर्णय होने पर ही हाउस टैक्स प्रकरण की अटकी हुई स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
गाजियाबाद नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी /प्रभारी राजस्व सुनील कुमार राय द्वारा बताया गया कि 7 महीने से हाउस टैक्स संबंधित प्रकरण उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष विचाराधीन है जो विषय कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है उस पर किसी प्रकार की कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की जा सकती है ऐसा करना ना तो न्याय संगत है बल्कि भारत संविधान की अवहेलना करना जैसा ही है, 27 जनवरी को हाउस टैक्स प्रकरण पर सुनवाई होगी इसके उपरांत उच्च न्यायालय द्वारा दिए जाने वाले आदेश के क्रम में ही आगामी कार्यवाही होगी उससे पहले किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाना है।
जनता की समस्याओं को समाधान देना निगम की प्राथमिकता है जिसके क्रम में लगातार कार्यवाही की जा रही है। उच्च न्यायालय में विचाराधीन हाउस टैक्स प्रकरण पर निर्णय आने से पूर्व शहर वासियों को गुमराह करना, अफवाह फैलाना, बिना निर्णय आए गलत जानकारी देना शहर वासियों के लिए परेशानी बना हुआ है, गाजियाबाद नगर निगम हाउस टैक्स विभाग द्वारा शहर वासियों से माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार करने की अपील की जा रही हैl
शहर में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराते हुए तथा विकास की ओर कदम बढ़ाते हुए गाजियाबाद नगर निगम स्थिति को संभाले हुए हैं, हाउस टैक्स का निर्णय बेहद जरूरी है राजस्व की हो रही हानी से बचने के लिए नगर निगम के पैनल अधिवक्ता एवं शासन की ओर से अपर महा अधिवक्ता समय से अपनी उपस्थिति दे रहे हैं, अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है जिसके उपरांत शहर वासियों को भी स्पष्ट स्थिति के साथ जानकारी उपलब्ध की जाएगी, अफवाहें तथा अधूरी जानकारी से बचने की अपील शहर वासियों से गाजियाबाद नगर निगम टैक्स विभाग द्वारा की जा रही है।