नववर्ष के पहले दिन भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गूंज उठा




रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- नववर्ष के पहले दिन गुरूवार को गाजियाबाद भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गूंज उठा। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में भक्ति व श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा के मंदिर ही नहीं आसपास का वातावरण भी भक्तिमय हो गया। कई राज्यों से मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचे हजारों भक्तों ने मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया। 

मंदिर में भक्तों के आने का सिलसिला रात्रि 2 बजे से ही शुरू हो गया था। ब्रहम मुहूर्त में 4 बजे श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने पूजा-अर्चना की, उसके बाद जैसे ही मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोले गए मंदिर ही नहीं आसपास का क्षेत्र भी भगवान दूधेश्वर व हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर में गाजियाबाद ही नहीं उत्तर प्रदेश के कई शहरों, दिल्ली, हरियाणा आदि से भी भक्त पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचे, जिससे लंबी कतारें लग गईं। कतारों में लगे भक्तों को भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना करने के लिए काफी देर इंतजार करना पडा, मगर उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई। 

भक्तों ने भगवान दूधेश्वर के साथ भगवान राम-माता जानकी, भगवान कृष्ण-राधा, भगवान सत्यनारायण, भगवान दत्तात्रेय, मां दुर्गा, हनुमान जी, नवग्रह, मां बगलामुखी व सभी सिद्ध गुरू मूर्तियों की पूजा-अर्चना कर महाराजश्री से भेंटकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि ह्रिदू नववर्ष की शुरूआत तो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है और इस बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 19 मार्च को है, मगर भारत में अंग्रेजी वर्ष बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। 

ऐसे में अंग्रेजी नववर्ष की शुरूआत भगवान की पूजा-अर्चना से करना एक अच्छी परम्परा है। इससे जहां भक्ति व आध्यात्म की भावना प्रबल होगी, वहीं हमारे अंदर भारतीय संस्कृति, शिक्षा, परम्परा व विरासत के प्रति जिज्ञासा भी उत्पन्न होगी। इससे सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार होगा और वह मजबूत व एकजुट होगा। महाराजश्री ने कहा कि इस बार हजारों भक्त ऐसे रहे, जिन्होंने नववर्ष पर कोई जश्न मनाने की बजाय भगवान की पूजा-अर्चना की जो सनातन धर्म के लिए शुभ संकेत है।

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