महाराजा रणजीत सिंह ने अपनी दूरदर्शिता, साहस और नेतृत्व से विशाल और धर्मनिरपेक्ष सिख साम्राज्य की नींव रखीः सरदार बलप्रीत सिंह





रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष सरदार बलप्रीत सिंह ने शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की जयंती पर उन्हें नमन किया। सभी से उन्होंने उनके बताए मार्ग पर चलने की अपील की। सरदार बलप्रीत सिंह ने कहा कि 13 नवंबर 1780 को उस महान शख्सियत का जन्म हुआ था, जिन्होंने अपनी दूरदर्शिता, साहस और नेतृत्व से एक विशाल और धर्मनिरपेक्ष सिख साम्राज्य की नींव रखी। महाराजा रणजीत सिंह जी, जिन्हें शेर-ए-पंजाब के नाम से जाना जाता है, केवल एक योद्धा नहीं थे, बल्कि वे एक कुशल प्रशासक और सभी धर्मों का सम्मान करने वाले शासक थे। उन्होंने छोटी उम्र में ही गद्दी संभाली और अपनी बहादुरी से पंजाब के बिखरे हुए मिसलों को एकजुट कर एक शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण किया। 

उनके शासनकाल में स्वर्ण मंदिर हरमिंदर साहिब, अमृतसर को सोने से सुसज्जित किया गया, जो आज भी उनकी कला और धर्म के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है। यह उनकी धर्मनिरपेक्षता ही थी कि उनकी सेना में सिख, हिंदू और मुस्लिम सभी समुदाय के लोग शामिल थे। महाराजा रणजीत सिंह ने पश्चिमी शक्तियों के विस्तार को सफलतापूर्वक रोका और 19वीं सदी में भारत के उत्तर-पश्चिम में एक मजबूत ढाल बनकर खड़े रहे। उन्होंने ऐसे शक्तिशाली राज्य की नींव रखी जिसमें धार्मिक सहिष्णुता, न्याय और आधुनिक प्रशासन का मिश्रण था। वर्ष 2019 में बीबीसी वर्ल्ड हिस्ट्री मैगजीन ने उन्हें दुनिया के महानतम नेताओं में से एक चुना था।  उनकी नीतियां, प्रशासनिक क्षमता और न्यायप्रियता आज भी हमें प्रेरणा देती हैं।

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