◼️महंत स्वामी वैद्य मुकेशानंद गिरि महाराज के आशीर्वाद से अपनी तीसरी बेटी पुत्र वधु रितिका को रेवड़ी रेवड़ा गांव से अपने घर हैलीकॉप्टर से लेकर आये
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- बेटा-बेटी समान होते हैं और इसकी मिसाल ग्राम मकरेड़ा निवासी संत सिंह खारी ने कायम की। अपनी पत्नी मंजू की इच्छा अनुसार वे अपनी दोनों पुत्रियों ईशा खारी, अंशिका खारी वं पुत्र दीपांशु खारी के साथ अपनी पुत्रवधू को गौना कराकर हेलिकॉप्टर से घर लेकर आए। इस मांगलिक कार्य की शुरूआत उन्होंने प्रातः अपने घर पर संसार के सर्वेश्रेष्ठ कार्य यज्ञ से की। यज्ञ के ब्रह्मा प्रवीण आर्य एवं यजमान दोनों दंपति रहे। अपने रिश्तेदार राज सिंह कसाना के यहां मागलिक कार्यक्रम में शामिल होनेू के लिये वे अपनी पत्नी श्रीमती मंजू की इच्छा अनुसार अपनी दोनों पुत्रियों ईशा खारी एवं अंशिका खारी एवं पुत्र दीपांशु खारी के साथ रेवड़ी रेवड़ा के लिये 11 बजे हेलिकाप्टर से रवाना हुए। सभी को महंत स्वामी वैद्य मुकेशानंद गिरी आशीर्वाद प्रदान किया।
मंत्रोचारण के साथ यात्रा का प्रारंभ करते हुए संतसिंह खारी ने बताया कि बेटियां समाज का गौरव है। इनके बिना गृहस्थ जीवन की कल्पना करना अधूरा है। आज सरकार भी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिये कार्य कर रही है। बेटियां घर की देवी है, बेटियां पराया धन होती है अतः जो खुशिया में अपने घर में दे सकता हूं,उन्हें प्रदान कर रहा हूं। सभी लोग बेटियों का सम्मान करें, इस उद्देश्य से बेटियों को अपने पुत्र की ससुराल तीसरी बेटी रितिका को गौने की रस्म के लिए हेलिकाप्टर से लेकर गया।, मैं तो बहुत छोटा सा किसान हूं ,फिर भी बेटियों के सम्मान लिए,ये कार्य किया, जिससे हमारा समाज बहु और बेटी में कोई अंतर ना समझे। जब तक हम बहु को बेटियों जैसा वातावरण नहीं देंगे तब तक घर को स्वर्ग नहीं बना सकते हैं। उन्होंने इस महान कार्य में सहयोग करने वाले सभी लोगों का अभार व्यक्त किया।