रिपोर्ट :- विकास शर्मा
हरिद्वार :- उत्तराखंड के गौरव प्रसिद्ध राष्ट्रीय निशानेबाज और द्रौणाचार्य अवार्ड से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटिंग कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि उनके हृदय में कार्डियक ब्लॉकेज की समस्या थी।
12 जून की तारीख भारतीय खेल जगत के लिए शोक की लहर लेकर आई है। एशियन गेम्स के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट और मशहूर शूटिंग कोच जसपात राणा का दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया है। हाल ही में उनकी सर्जरी की खबर भी सामने आई थी। जसपाल राणा ने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। 49 वर्ष की आयु में जसपाल राणा की असमय मौत से पर कोई हैरान है।1994 के राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में 25 मीटर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीतना जसपाल राणा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी सफलता थी। एशियाई खेलों का उनका स्वर्ण पदक राजा रणधीर सिंह के 1978 में सोने का तमगा जीतने के 16 साल बाद भारत का पहला स्वर्ण पदक था।
एक निशानेबाज के रूप में राणा के करियर का सबसे बड़ा क्षण 2006 के दोहा एशियाई खेलों में आया जब उन्होंने तीन स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीता, जिसमें उस समय के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करना भी शामिल था। खिलाड़ी के साथ-साथ एक कुशल कोच के रूप में भी जसपाल राणा ने अनेक युवा प्रतिभाओं को तराशा और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेलों के विकास और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
जसपाल राणा के निधन पर खेल जगत, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और उनके प्रशंसकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को भारतीय शूटिंग और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।