रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- आईआईटी दिल्ली में आयोजित फ्रेंकस्टीन सस्टेनेबिलिटी डिबेट 26 में गुरुकुल द स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी मेधा और वाक्पटुता से सफलता का इतिहास रच दिया। उन्होंने अपनी मेधा का परिचय देते हुए जूरी का दिल ही नहीं एक स्वर्ण पदक, दो रजत पदक व एक कांस्य पदक जीते। साथ ही बेस्ट सस्टेनेबिलिटी आइडिया का पुरस्कार जीतकर अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ी। आद्या टंडन ने अपनी प्रखर तार्किकता से स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। पिच योर पॉलिसी खंड में प्रीतमन कौर ने अपनी रणनीतिक सोच के दम पर काँस्य पदक जीता।
प्रखर कृष्ण बंसल और शिव्या शुक्ल श्स्पेशल मेंशनश् के विशेष सम्मान से अलंकृत हुए। रचनात्मकता और मौलिकता के मोर्चे पर काव्या पोरवाल के सस्टेनेबिलिटी आइडिया को मिडिल कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ माना गया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सस्टेनेबिलिटी आइडिया पुरस्कार दिया गया। सीनियर कैटेगरी में अविका जैन व जूनियर कैटेगरी में खदीजा यूसुफ ने रजत पदक अपने नाम किया। देश भर की 600 से अधिक प्रतिभाओं के बीच इस उपलब्धि को प्राप्त करने पर गुरूकुल द स्कूल के डायरेक्टर सचिन वत्स व प्रधानाचार्य गौरव बेदी ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह गौरवशाली सफलता न केवल इन विद्यार्थियों के प्रखर बौद्धिक कौशल को दर्शाती है, बल्कि यह इस बात का भी सशक्त प्रमाण है कि श्गुरुकुल द स्कूलश् भविष्य के ऐसे सजग वैश्विक नागरिकों को गढ़ रहा है, जो अपनी वैचारिक स्पष्टता और आत्मविश्वास से दुनिया को बदलने का सामर्थ्य रखते हैं।