रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- किसानों की ज़मीन ली अब रोजगार भी दो भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम का सरकार को सीधा अल्टीमेटम, 28 मार्च को ज़ेवर एयरपोर्ट उद्घाटन के समय स्थानीय रोज़गार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेगा भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम संगठन
गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, हापुड़, मेरठ सहित कई जिलों में किसानों की भूमि के अधिग्रहण के विरोध में आज भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम की एक बैठक केंद्रीय कार्यालय रईसपुर मे आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं बेरोज़गार युवा शामिल हुए। बैठक में किसानों की आजीविका, रोजगार और अधिकारों को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि किसानों की उपजाऊ भूमि अधिग्रहित कर विकास कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन किसानों और उनके परिवारों को उसका कोई सीधा लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हर प्रभावित किसान परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना अनिवार्य किया जाए
राष्ट्रीय प्रवक्ता कुंवर अय्यूब अली ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन जल्द ही बड़े स्तर पर संघर्ष की रणनीति तैयार करेगा।
राष्ट्रीय महासचिव अजय प्रमुख एवं प्रवीण चौधरी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय सचिव सोहन वीर चौधरी ने संगठन को एकजुट रखते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो सड़कों से लेकर राजधानी तक आंदोलन तेज किया जाएगा।
रणवीर प्रधान जिला अध्यक्ष ग़ाज़ियाबाद प्रदेश सचिव देवेन्द्र सहलोत एवं प्रदेश सचिव वीरपाल चौधरी दिनेश चौधरी तहसील अध्यक्ष मोदीनगर सौहनपाल ब्लॉक अध्यक्ष भोजपुर सारीक चौधरी जिला अध्यक्ष व्यापार प्रकोष्ठ ने भी किसानों के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया। युवा जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने कहा कि बेरोज़गार युवा अब चुप नहीं बैठेंगे और अपने हक के लिए निर्णायक संघर्ष करेंगे
संगठन ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में प्रभावित किसानो बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार देने के लिए प्रधानमंत्री के नाम जिला अधिकारी गौतम बुद्ध नगर के माध्यम से पूर्व में ज्ञापन भी दिया जा चुका है जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर को 24/3/2026 को पत्र के माध्यम से 28/3/2026 को प्रधानमंत्री जैवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के लिए आ रहे हैं प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा गया है, ताकि किसानों की समस्याओं को सीधे उनके समक्ष रखा जा सके।
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रतिनिधिमंडल को शीघ्र समय नहीं दिया गया, तो संगठन स्वयं मिलने का कार्य करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बैठक में उपस्थित किसानों और युवाओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि अपने अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
किसान और युवा अब जाग चुका है हक लेकर रहेगा