लीवर मरीजों के लिए फरिश्ता बने वैद्य दिनेश कुमार


◼️हर तरफ से निराश लीवर मरीजों को आयुर्वेद दवाओं से नया जीवन दिया

◼️दो माह के इलाज से लिवर फाइब्रोसिस को 10.68 से 3.9 कर दिया



रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- चिकित्सकों को भगवान का रूप ही माना जाता है क्योंकि वे मरीजों को नया जीवन देते हैं। लीवर मरीजों के लिए वै़द्य दिनेश कुमार फरिश्ते के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने सैकडों ऐसे लीवर मरीजों को नया जीवन दिया, जो हर तरफ से निराश हेा चुके थे और जीवन जीने की आस छोड चुके थे। वैद्य दिनेश कुमार का क्लीनिक राजनगर के सेक्टर 12 में मकान नंबर 66 में है। यहां पर हर प्रकार की बीमारी के मरीज आते हैं। पिछले कुछ समय से लीवर की बीमारी कांफी बढी है। 

लीवर के लिए आयुर्वेद रामबाण औषधि है और वैद्य दिनेश कुमार ने इसे साबित भी कर दिखाया है। एक महिला मरीज का लिवर बढा हुआ था। साथ ही गाल ब्लैडर में स्टोन की समस्या भी थी। लिवर काफी खराब था और स्टोन का साइज भी काफी बढा था। मरीज ने काफी इलाज कराया, अस्पताल में भर्ती भी रही, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। किसी के बताने पर वे उनके पास पहुंची तो उन्होंने इलाज शुरू किया और आयुर्वेद दवाओं से मात्र दो महीने में ही लीवर पूरी तरह से स्वस्थ हो गया, साथ ही स्टोन भी खत्म हो गया। अब महिला पूरी तरह से स्वस्थ हैं। एक अन्य मरीज का लीवर लगभग फेल ही हो गया। 

उन्हें लिवर फाइब्रोसिस की परेशानी थी। मरीज के हर समय दर्द रहता था और बार-बार उल्टी होती थी। हर तरफ से परेशान होकर वे उनके पास आए और इलाज कराया तो दो महीने में लिवर फाइब्रोसिस 10.68 से 3.9 पर आ गया और अब वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। वैद्य दिनेश कुमार बताते हैं कि आयुर्वेद में लिवर का बहुत अच्छा इलाज है। उन्होंने आयुर्वेद दवाओं से  ग्रेड 3 फैटी लीवर को भी वापस नॉर्मल किया है। साथ ही पेट से संबंधित समस्याओं के लिए भी आयुर्वेद  रामबाण चिकित्सा है और देश ही नहीं विदेश ने भी आयुर्वेद का लोहा माना है। 

एसजीपीटी, एसजीओटी सीरम बिलीरुबिन को आयुर्वेद से बहुत जल्दी ठीक किया जा सकता है। वे नाडी देखकर ही मरीज की पूरी बीमारी का पता कर लेते हैं और अपनी बनाई दवाओं से ही इलाज करते हैं।

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