रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- अधिवक्ता परिषद ब्रज की गाजियाबाद इकाई द्वारा न्यायालय प्रांगण के बार सभागार में स्वाध्याय मंडल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता मधु मुकुल त्रिपाठी ने कानून में दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्षी के महत्व पर विस्तार से अपना व्याख्यान दिया।
मधु मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि आम बातचीत में रिकॉर्डिंग की जाने वाली बात को साक्षी के विरुद्ध साक्ष्य में उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, अभियुक्त को उसके विरुद्ध साक्ष्य देने के लिए विवश नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस के समक्ष पुलिस कस्टडी में दिया गया साक्ष्य विधि मान्य नहीं है, जबकि पुलिस कस्टडी से बाहर पुलिस को दिया गया साक्ष्य विधि रूप से मान्यता प्राप्त है।
कार्यक्रम के अंत में सारिका त्यागी, तुषार एवं अन्य श्रोताओं के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर मुख्य वक्ता द्वारा जिज्ञासा एवं समाधान सत्र में दिया गया। कार्यक्रम का संचालन इकाई के महामंत्री अरुण कुमार द्वारा किया गया, तथा कार्यक्रम के अंत में इकाई की अध्यक्ष श्रीमती श्रद्धा चौहान द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित कर अन्य अधिवक्ताओं को परिषद से जुड़ने का आग्रह किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मोहनिश जयंत, अतुल्य त्यागी, राजीव गुप्ता, संजीव त्यागी, प्रमोद तितोरिया, इकाई के मंत्री ज्ञानेंद्र शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अजय भारद्वाज, श्रीमती गीता रानी, पंकज, प्रीति, चंचल, शुभलता, आकांक्षा मंत्री अजय रघुवंशी अखिल त्यागी सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।