रिपोर्ट :- अजय रावत
बुलन्दशहर :- एक बेटी शादी के बाद विदा होकर अपने ससुराल पहुंचती है। जिसके बाद ससुराल और अपने मायके दोनों के बीच वह एक मजबूत सेतु बन जाती है। अच्छे संस्कारों से परिपूर्ण बेटी खुद को भुलाकर भी ससुराल को भी स्वर्ग बना देती है। लेकिन बेटी के माता पिता और भाई-भाभी उससे हमेशा किसी न किसी रूप में जुड़े रहते हैं और जब बेटी के माता पिता पूरे परिवार के साथ उसकी खुशियों में सरप्राइज देकर शामिल होते हैं तब उसकी खुशी कई गुना बढ़ जाती है।
जहांगीराबाद की रहने वाली शिल्पी बंसल की शादी 25 वर्ष पूर्व 3 फरवरी को ही बुलन्दशहर में मोहित अग्रवाल के साथ हुई। वैदिक रीति रिवाजों के साथ यह विवाह संपन्न हुआ और शिल्पी अपने दाम्पत्य जीवन की सारी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं। 3 फरवरी 2026 को शिल्पी और मोहित के वैवाहिक जीवन को 25 साल पूरे हुए। फ़ोन पर औपचारिक बधाई देने के बाद और हाल चाल पूछने के बाद शिल्पी के मम्मी पापा और भाई भाभी ने फोन रख दिया। लेकिन शिल्पी को नहीं पता था कि उसे बेहतरीन सरप्राइज मिलने वाला है। 3 फरवरी की दोपहर को शिल्पी के माता-पिता पूनम बंसल और बुद्ध प्रकाश बंसल तथा भाई-भाभी गौरव बंसल-अनुजा बंसल उनके घर ढोल लेकर पहुंच गए।
जिन्हें देखकर शिल्पी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। माता पिता और भाई भाभी से शिल्पी मिलकर भाव विभोर हो उठीं। सभी ने मिलकर शिल्पी और मोहित को बुके देकर और केक वैवाहिक वर्षगांठ की बधाई दीं। शिल्पी और मोहित को सभी ने केक खिलाया। ढोल की थाप पर सभी ने मिलकर जश्न मनाया। शिल्पी ने कहा कि वह इस दिन को कभी नहीं भूलेंगी। ये सरप्राइज उनके लिए आज का सबसे बेहतरीन उपहार है। शिल्पी और मोहित ने गले लगकर अपने माता पिता और भाई भाभी का आभार व्यक्त किया।