सिद्धेश्वर महादेव कुटी में आयोजित गुप्त नवरात्रि अनुष्ठान में दूसरे दिन कई शहरों के श्रद्धालु पहुंचे


◼️विशेष मनोरथ पूरा करने के लिए गुप्त नवरात्रि का बहुत महत्व हैः महंत मुकेशानंद गिरि महाराज वैद्य



रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- माघ गुप्त नवरात्रि के अवसर पर सिद्धेश्वर महादेव कुटी पाइप लाईन रोड मकरेड़ा पर गुरूवार से भव्य चंडी पूजन चंडी पाठ का शुभारंभ हुआ। मंदिर के महंत मुकशानंद गिरि महाराज वैद्य के निर्देशानुसार गुरुवार को कलश स्थापना के बाद गणेश गौरी पूजन, षोडशमातृका, सप्तघृतमातृका चतुर्षष्ठी योगिनीए वास्तु क्षेत्रपाल एवं नवग्रहादि पूजन के साथ महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती पाठ व शत चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। दूसरे दिन दूसरी महाविद्या तारा मां की पूजा-अर्चना हुई। 

वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, दादरीए मोदीनगरए मुरादनगर आदि के भक्त सिद्धेश्वर महादेव कुटी पहुंचे और मां तारा देवी, महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती चंडिका देवी के पूजन.पाठ व शतचंडी महायज्ञ में शामिल हुए। संपूर्ण पूजन.पाठ  व हवन वेदाचार्य बृजेश कुमार मिश्र, पंडित संजय मिश्र एवं राधाकांत मिश्र एवं वैदिक बटुक द्वारा कराया जा रहा है। 

महंत मुकशानंद गिरि महाराज वैद्य ने प्रयागराज महाकुंभ से भक्तों को गुप्त नवरात्रि की बधाई दी और कहा कि गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। किसी विशेष मनोरथ सिद्धि हेतु ये नवरात्रि बहुत विशेष मानी जाती है। गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा.अर्चना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और सभी मनोरथ पूरे होते हैं।

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