गौहत्या के विरुद्ध संतों का आंदोलन गाज़ियाबाद में 9 दिसंबर को होगा, योगी से संत समाज नाराज: महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा





रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- संत समाज ने गौहत्या के विरुद्ध आवाज उठाई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि गौमाता को राजमाता का दर्जा दिया जाए और गौहत्या पर रोक लगाई जाए। संत समाज ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे 16 दिसंबर से आंदोलन शुरू करेंगे। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज साधु-संतो के लिए सनातन धर्म रक्षक के रूप में जाने जाते है, स्वंय प्रधानमंत्री आवास में गौपालन करते है यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। क्योंकि जिस देश का राजा गौपालक हो उस देश में सदैव खुशहाली रहती है। सनातन धर्म की हृदय स्थली उत्तर प्रदेश में भी काफी समय बाद एक महंत गौरक्षापीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने सभी साधु-संतो में खुशी थी कि अब सनातन धर्म एवं उससे जुड़े हुए मूल्यों की रक्षा होगी। लेकिन उ०प्र० में एक महंत के रहते हुए मजबूत इच्छाशक्ति के अभाव में लगातार गौहत्या से सनातन धर्म पर कुठाराघात हो रहा है और गौ, गंगा एवं गीता की लड़ाई कमजोर हो रही है।

महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने बताया कि पिछले दिनों, मैं मध्य प्रदेश में था और अचानक से मेरी नजर उ०प्र० से जुड़ी एक खबर पर पड़ी कि उ०प्र० के गौतमबुद्धनगर में 340 टन गौमांस गौरक्षा दल के वेद नागर अन्य गौ रक्षक संगठनों की सहायता से पुलिस ने संयुक्त अभियान में पकड़ा है। भैंस के नाम (कागजों पर भैंस का मांस) पर 340 टन गौमांस यानी कि कम से कम 10 हजार गौमाताओं की क्रूर हत्या की खबर से मैं अंदर से हिल गया और ऐसा लगा कि किसी ने मेरे पैरों के नीचे से धरती छीन ली। ऐसा महापाप वो भी उस सनातन धर्म की हृदयस्थली पर जहां भूतकाल में मुगलों के खिलाफ असंख्य सनातनियों और साधुओं ने अपना सिर इसलिए कटवा लिया कि गौमाता की हर कीमत पर रक्षा हो क्योंकि मुगलों को किसी ने कहा कि सनातन धर्म को खत्म करना है तो साधुओं के पुण्यों को नष्ट करो और पुण्य का मुख्य स्त्रोत गंगा नदी है जिसमें अगर गौ अवशेष व खून मिलाया जाए तो यह संभव है कि सनातन स्वतः खत्म होने लगेगा क्योंकि गौमाता भूत और भविष्य की जननी है।

उन्होंने कहा कि आज जब उ०प्र० में स्वंय मुख्यमंत्री महंत और योगी है लेकिन सरकार गौसंरक्षण एवं गौसंवर्धन के नाम पर सिर्फ कायक्रमों का आयोजन कर रही है और पीछे से धरातल पर गौमाता का वध हो रहा है। उ०प्र० आज गौहत्या में अग्रणी राज्यों में शामिल है। यह अत्यंत ही गंभीर चिंतन का विषय है और सरकार के लिए शर्म का विषय है कि गाजियाबद के साहिबाबाद क्षेत्र में न केवल उ०प्र० व अन्य राज्यों की गौमाता को काटकर उसके मांस की सप्लाई के लिए एकत्र किया जाता है और गाजियाबाद का साहिबाबाद इसका मुख्य केंद्र है। गौतमबुद्धनगर में पकड़े गए गौतस्करों ने जो खुलासे किए है उसे सुनकर मेरा हृदय क्रंदन करने लगा। गौतस्करों ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि गौहत्या करके उनके अवशेष व रक्त गंगा में बहा दिया जाता है जिससे किसी को पता न चल सके एवं उ०प्र० भाजपा के लोनी विधायक ने भी मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि बड़ी संख्या में गौमांस का वध करने के बाद उसके अवशेष और खून को गंगा नदी में बहा दिया जाता है जिससे पकड़े जाने का भय खत्म हो जाता है। गंगा नदी में गौवंश के अंवशेष और खून का मिलाया जाना सनातन धर्म को खंड-खंड करने का प्रयास है। यह सनातन धर्म पर कुठाराघात और सभी सनातनियों पर वज्रपात के समान है। जनवरी से महाकुंभ उ०प्र० में शुरू होने जा रहा है सरकार तैयारी में लगी है लेकिन सनातन धम् की आत्मा महाकुंभ का जल तो आचमन करने लायक ही नहीं रहा, वैज्ञानिक पद्धति से आप उसे कितना र्भ शुद्ध करले लेकिन गंगा की आत्मा को दूषित किया जा चुका है, यह महापाप और प्रलय का सूचक है क्योंक्ि गौमाता भूत और भविष्य की जननी है।

वह समस्त ब्रह्माण्ड का स्रोत है, गतिशील और अगतिशील। अतीत और वर्तमान की माता उस गाय को मैं नमस्कार करता हूं।

क्या यह कृत्य प्रशासनिक अधिकारियों और सफेदपोश नेताओं और व्यापारी के बिना मिलीभगत के संभव है बिल्कुल नही? गंगा के किनारे बसने वाले शहर खरखोदा, अलीगढ़, कानपुर, मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, हापुड में बड़ी संख्या में कट्टी घरों व जंगलों में गौहत्या कर, उसक अवशेषों को बहाने का महापाप किया जा रह है जिसका केंद्र गाजियाबाद बन चुका है जहां की फैक्ट्रीयों से गौमांस देश और विदेश में भेजा जा रहा है।

इसलिए हमारी उ०प्र० सरकार से मुख्य मांग 3 इस प्रकार है कि-

1. गौमाता के रक्त और अवशेष से मिले गंगा जी में स्नान, महापाप के समान है, क्योंकि गौमता का कत्ल् होते देखने तक से पुण्य नष्ट हो जाते है तो ऐसे में हम सभी साधु-संतो के सभी अर्जित पुण्य महाकुंभ में स्नान से नष्ट हो जाएंगे। इस स्थिति में सरकार बताएं कि गंगाजल के शुद्दीकरण के लिए महाकुंभ में क्या उपाय किए गए है?

2. गौतस्करी का केंद्र गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित सभी फैक्ट्रीयों (मेसर्स अरिहंत फार्म, Frigorifice अलाना मीट फैक्ट्री व अन्य) और कोल्ड स्टोरेज पर कानूनी प्रक्रिया के तहत बुलडोजर चलाया जाए और सभी आरोपियों पर रासुका लगाकर, इनको मृत्युदंड हेतु सभी केस फास्टट्रैक में चलाए जााए। संलिप्त एवं जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सेवामुक्त किया जाए।

3. गौ माता को उत्तर प्रदेश सरकार राजमाता का दर्जा दें जिस प्रकार महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व में गौ माता को राजमाता का दर्जा दिया है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 48 के अनुसार भी सरकार का दायित्व है कि वह कानून बनाकर गौ हत्या पर रोक लगाए। भारत की स्वतंत्रता के 77 साल बाद भी भारत की धरती पर गौ-हत्या होना इस मातृभूमि को कलंकित करता है। मैं सभी पूज्य शंकराचायो सभी जगतगुरुओ एवं सभी अखाड़ा प्रमुख के • पूज्य संत, महंत एवं आचार्य से अनुरोध करता हूं ऐसी स्थिति में शास्त्रों के हिसाब से महाकुंभ में स्नान पूर्व कौन से मार्ग है जिस पर चलाकर संतो एवं भक्तों के पुण्य नष्ट ना हो सके, पूरे देश का मार्गदर्शन करें।

गोरक्षा के हित में अगर 16 दिसंबर 2024 तक तीन मांगो के जवाब उत्तर प्रदेश सरकार ने नहीं दिया तो गाजियाबाद के साहिबाबाद में हम सभी हजारों की संख्या में सनातन के साधु संत और लाखों गौरक्षकों के साथ गौ धर्म संसद लगाकर बैठेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे इस अभियान में मेरे एवं मेरे संतों के • प्राण भी चले जाए तो पीछे नहीं हटेंगे जिसकी जवाबदारी उत्तर प्रदेश सरकार की होगी। इसलिए पूरे गंभीर मामले को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 9 दिसंबर को प्रातः 11 बजे सनातन धर्म को मानने वाले साधु संत व अन्य कवि नगर रामलीला मैदान में एकत्र होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना ज्ञापन सौंपेंगे।

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