रिपोर्ट :- अजय रावत
गाज़ियाबाद :- आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन गाज़ियाबाद की कार्यकारिणी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें संगठन की अध्यक्षा आर्किटेक्ट पूजा सारस्वत ने घोषणा की कि आगामी 4 और 5 जनवरी 2025 को संगठन अपने स्वर्ण जयंती समारोह, उड़ान 2.0 का आयोजन रामलीला ग्राउंड, कवि नगर, गाज़ियाबाद में कर रही है।
इस समारोह का मुख्य विषय "शहरों को समावेशी, सुरक्षित, लचीला और टिकाऊ" कैसे बनाया जाए, इस पर चर्चा की जाएगी। संगठन के सचिव आर्किटेक्ट हिमांशु गुप्ता ने बताया कि संगठन का गठन 2 अक्टूबर 1974 को मात्र 9 आर्किटेक्ट्स द्वारा किया गया था, आज इस संस्था में लगभग 125 आर्किटेक्ट्स सदस्य हैं।
संगठन की कोषाध्यक्ष आर्किटेक्ट प्रियंका श्रीवास्तव ने बताया कि उड़ान 2.0 शहर के निवासियों और कला प्रेमियों के लिए "आर्किटेक्चर, आर्ट और संगीत" का भव्य समारोह है। संस्था इस स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर उत्तर प्रदेश आर्किटेक्ट एसोसिएशन की आम सभा का भी आयोजन कर रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए लगभग 300 आर्किटेक्ट भाग लेंगे।
संगठन के संयोजक आर्किटेक्ट संदीप गोयल ने बताया कि इस अवसर पर संस्था द्वारा विभिन्न सेमिनार, पैनल डिस्कशन, कंपटीशन आदि का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के विख्यात आर्किटेक्ट्स द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इस समारोह में शहर के नागरिकों के लिए संस्था द्वारा बिल्डिंग मटेरियल एग्जिबिशन, विभिन्न स्कूलों के लिए ड्राइंग और स्केचिंग कंपटीशन और रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इस समारोह में विभिन्न वर्कशॉप्स का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आर्किटेक्चर कॉलेज के विद्यार्थियों और स्कूलों के बच्चों की सहभागिता रहेगी। आयोजन का उद्देश्य शहर के आम नागरिकों को भवन निर्माण सामग्री और शहर के विकास में आर्किटेक्ट के योगदान और शहर को कैसे बेहतर बनाया जाए, इस पर चर्चा की जाएगी।
इस अवसर पर समारोह के संयोजक आर्किटेक्ट अभिमन्यु अवल, मीडिया प्रभारी आर्किटेक्ट मनोज वर्मा के साथ समस्त पदाधिकारी व संस्था के वरिष्ठ आर्किटेक्ट योगेश चंद्रा, आर्किटेक्ट एस के गौतम, आर्किटेक्ट एन के शर्मा, आर्किटेक्ट अरुण कटियार, आर्किटेक्ट संजय पांडे, आर्किटेक्ट दीपाली गोयल, आर्किटेक्ट सचिन सारस्वत, आर्किटेक्ट रोहित अग्रवाल, आर्किटेक्ट योगेश त्यागी, आर्किटेक्ट शिल्पा जैन, आर्किटेक्ट शिल्पा अग्रवाल, आर्किटेक्ट श्वेता बंसल आदि उपस्थित रहे।