◼️स्कूलों को उनकी क्षमता व संसाधनों के अनुरूप ही आवंटन होने से स्कूलों से दबाव हटा व अभिभावकों की भागदौड़ कम हुई
◼️प्रवेश प्रक्रिया में सुधार के लिए सरदार बलप्रीत सिंह व स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद अतुल गर्ग व बीएसए ओपी यादव का आभार जताया
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष सरदार बलप्रीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबको शिक्षा, समान शिक्षा के संकल्प के तहत आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया में इस वर्ष अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला। स्कूलों को उनकी क्षमता व संसाधनों के आधार पर बच्चों का आवंटी किए जसाने से जहां स्कूलों पर अतिरिक्त दबाव कफी हद तक घट गया, वहीं बच्चों के प्रवेश में भी तेजी आई। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगा आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। साथ ही मुख्यमंत्री के संकल्प सबको शिक्षा, समान शिक्षा को धरातल पर उतारने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ पी यादव का भी धन्यवाद किया।
सरदार बलप्रीत सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस और पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण ही आज शिक्षा व्यवस्था डिजिटल और सुगम हो चुकी है। इस वर्ष की आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया को जिस प्रकार ’सरल और सुव्यवस्थित’ बनाया गया है, उससे न केवल अभिभावकों की भागदौड़ कम हुई है, बल्कि निजी स्कूलों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी काफी हद तक घट गया है। सांसद अतुल गर्ग का भी इसमें पूरा सहयोग रहा, जिन्होंने स्कूलों व अभिभावकों दोनों के समक्ष आने वाले दिक्कतों को शासन तक पहुंचाकर उनको दूर कराया। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्थानीय स्तर पर ’जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव ने अपनी कार्यकुशलता से इसे और भी प्रभावी बनाया है।
उनके नेतृत्व में इस बार तकनीकी प्रबंधन इतना सटीक रहा कि प्रत्येक विद्यालय को उसकी क्षमता व संसाधनों के अनुसार आवंटन मिला है, जिससे पूरी प्रक्रिया विवादमुक्त हो गई है। शिक्षा जगत से जुडे विशेषज्ञों ने भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और ओ.पी. यादव के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत है। इस सुगम व्यवस्था के लिए जनपद के समस्त विद्यालयों के संचालक प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद अतुल गर्ग व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ पी यादव के आभारी हैं।