◼️गोल्डन व्यू रिजॉर्ट में कश्यप-निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन रहा भव्य
◼️समाज की एकता और अधिकारों पर बना बड़ा रोडमैप
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- राजनगर एक्सटेंशन स्थित गोल्डन व्यू रिजॉर्ट में कश्यप-निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन शनिवार को भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से संगठन के पदाधिकारी, समाज के प्रतिनिधि, वरिष्ठजन, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में समाज की एकता, संगठन के विस्तार, सामाजिक अधिकारों और आने वाले समय की रणनीति को लेकर व्यापक चर्चा और मंथन किया गया। अधिवेशन में समाज को संगठित कर उसके अधिकारों को मजबूत करने, युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और समाज के गौरवशाली इतिहास को नई पहचान दिलाने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों की भारी उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि कश्यप-निषाद समाज अब तेजी से संगठित होकर अपने अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक हो रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा कश्यप-निषाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन कश्यप निषाद समाज की सेवा और उसके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि समाज ने उन्हें जो सम्मान और पहचान दी है, उसके लिए वह सदैव समाज के आभारी रहेंगे और जब भी समाज को उनकी जरूरत होगी, वह हमेशा समाज के साथ खड़े मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि कश्यप निषाद समाज की जड़ें भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा और सनातन संस्कृति से जुड़ी हुई हैं। महर्षि कश्यप केवल एक महान ऋषि ही नहीं बल्कि मानव समाज को दिशा देने वाले महान मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए तीन चीजें सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं—शिक्षा, संगठन और स्वाभिमान। यदि समाज इन तीनों को मजबूत करेगा तो वह हर क्षेत्र में आगे बढ़ेगा और उसकी आवाज को कोई भी दबा नहीं सकेगा।
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कश्यप-निषाद समाज ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और देश की सेवा में हमेशा आगे रहा है। समाज के लोगों ने हर दौर में राष्ट्र और समाज के लिए योगदान दिया है, लेकिन इसके बावजूद समाज को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ अपने अधिकारों के लिए आगे आए।
अनुसूचित जाति में शामिल कराने की रणनीति पर चर्चा
राष्ट्रीय अधिवेशन में समाज को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल कराने के मुद्दे पर भी गंभीरता से मंथन किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कश्यप-निषाद समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिलता है तो समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इसके लिए सरकार तक अपनी बात प्रभावी तरीके से पहुंचाने और समाज को संगठित करने की रणनीति पर भी विचार किया गया।
समाज के महापुरुषों की स्मृति को मिलेगा सम्मान
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि समाज के इतिहास और महापुरुषों को सम्मान दिलाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ क्षेत्र में महर्षि कश्यप का भव्य स्मारक बनवाया गया है, जिस पर एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। यह स्मारक समाज के गौरव और इतिहास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के अन्य प्रमुख शहरों और राज्यों में भी महर्षि कश्यप के ऐसे ही स्मारक स्थापित करने की योजना है, ताकि समाज के महान संत और ऋषि की स्मृति को व्यापक स्तर पर सम्मान मिल सके और नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा ले सके।
गाजियाबाद में बन रहा महर्षि कश्यप के नाम पर पार्क
नरेंद्र कश्यप ने यह भी बताया कि गाजियाबाद में महर्षि कश्यप के नाम पर लगभग 1 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से पार्क का सौंदर्यीकरण और विशाल प्रतिमा स्थापित करने का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्य समाज के लिए गर्व की बात है और इससे समाज के इतिहास को नई पहचान मिलेगी।
अप्रैल में होगा राष्ट्रीय स्तर का विशाल महासम्मेलन
राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान अप्रैल महीने में प्रस्तावित महर्षि कश्यप महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि यह महासम्मेलन बेहद बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से समाज के हजारों लोग भाग लेंगे। इसके लिए विभिन्न राज्यों और जिलों के पदाधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
नरेंद्र कश्यप ने घोषणा करते हुए कहा कि गाजियाबाद में होने वाला यह महासम्मेलन समाज की एकता, शक्ति और संगठन का बड़ा संदेश देगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इसमें भाग लेकर समाज की ताकत और एकजुटता को प्रदर्शित करें।
समाज के प्रतिनिधियों ने रखा अपना पक्ष
राष्ट्रीय अधिवेशन मे उत्तर प्रदेश , हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखण्ड,पंजाब, चंडीगढ़,मध्यप्रदेश, राजस्थान राज्यों से आए संगठन के पदाधिकारियों, समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं और युवाओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है और युवाओं को शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन की मजबूती से ही समाज की आवाज मजबूत होती है और जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो उसे उसका अधिकार और सम्मान भी मिलता है।
उत्साह और ऊर्जा से भरा रहा पूरा कार्यक्रम
पूरे अधिवेशन के दौरान परिसर में उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के लोगों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बताया। लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजन समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं और समाज के लोगों को एक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समाज के प्रतिनिधियों का मानना है कि गाजियाबाद में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन कश्यप-निषाद समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। इससे संगठन को नई मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में समाज अपने अधिकारों और सम्मान के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से आवाज उठाने में सक्षम होगा।
अधिवेशन में मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद, दर्जा राज्यमंत्री मध्यप्रदेश सीताराम बाथम, कासगंज ज़िला पंचायत अध्यक्ष बॉबी कश्यप ,सरपंच रणबीर कश्यप (प्रदेश अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ, हरियाणा) ओमप्रकाश कश्यप (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष) जीतपाल कश्यप (जिलाध्यक्ष) रवि कश्यप (प्रदेश महासचिव) राम कुमार कश्यप (राष्ट्रीय महासचिव) राजबीर कश्यप (राष्ट्रीय महासचिव) वेद कश्यप (राष्ट्रीय महासचिव) प्रेमचन्द कश्यप (मैनपुरी) रामदास कश्यप (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) जगदीश कश्यप (राष्ट्रीय सचिव) विजेन्द्र कश्यप (सहारनपुर) नन्द लाल बाथम (प्रदेश अध्यक्ष)
मौजूद रहे।