रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- नूपुर कथक केंद्रद्वारा "ऋतु रंग" शीर्षक से भारतीय शास्त्रीय नृत्य कार्यक्रम का आयोजन शनिवार संध्या, 31 जनवरी को जानकी ऑडिटोरियम, कविनगर में किया गया। यह प्रस्तुति केंद्र की वार्षिक नृत्य श्रृंखला "नूपुर संध्या" के अंतर्गत आयोजित की गई। कार्यक्रम में नृत्य प्रेमियों, विद्यार्थियों तथा सांस्कृतिक जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
इस कार्यक्रम की परिकल्पना एवं निर्देशन नूपुर कथक केंद्र की प्रमुख, श्रीमती आभा बंसल द्वारा किया गया, जिनका सहयोग रश्मि रथी कला वृंद की श्रीमती मनीषा हांडा तथा देवध्वनि की श्रीमती अनिंदिता बसु ने किया। इन तीनों की संयुक्त रचनात्मक दृष्टि और सुव्यवस्थित संरचना ने संपूर्ण प्रस्तुति को एक सशक्त और सुसंगठित स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में भारतीय ऋतु परंपरा की छह ऋतुओं की भावात्मक और सौंदर्यात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की गई। सशक्त अभिनय, लयात्मक जटिलता और सुसंयोजित नृत्य विन्यास के माध्यम से शास्त्रीय साहित्य और नाट्यशास्त्र की परंपरा को जीवंत किया गया। मूलतः कथक परंपरा में रचा-बसा यह कार्यक्रम भरतनाट्यम और ओडिसी शैलियों के तत्वों से भी समृद्ध रहा, जिससे प्रस्तुति को शैलीगत वैविध्य प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में ललित जायसवाल नागरिक सुरक्षा संगठन, गाजियाबाद के प्रमुख एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तित्व, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अन्य विशिष्ट अतिथियों में पं. हरिदत्त शर्मा (वी.एन. भातखंडे संगीत महाविद्यालय), श्रीमती तारा गुप्ता (गंधर्व संगीत विद्यालय) तथा श्रीमती शर्मिला रहेजा, प्राचार्या, उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स, शामिल रहीं। अतिथियों ने प्रस्तुति की कलात्मक गुणवत्ता की सराहना करते हुए आयोजकों के शास्त्रीय नृत्य संरक्षण एवं शिक्षण के प्रयासों की प्रशंसा की।
नूपुर कथक केंद्रकी वार्षिक श्रृंखला "नूपुर संध्या" भारतीय शास्त्रीय नृत्य को समर्पित एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में निरंतर स्थापित हो रही है, जिसमें "ऋतु रंग" एक सुसंस्कृत और प्रभावशाली प्रस्तुति के रूप में स्मरणीय रहा। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती आभा मंसल ने सबका आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिभागियों के माता-पिता का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग के बिना कार्यक्रम का आयोजन संभव नहीं होता।