गृहकर वृद्धि वापस नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों का होगा आखिरी कार्यकाल: कर्नल टी.पी. त्यागी





रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- नवयुग मार्केट स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए – उत्तर प्रदेश (कोरवा-यूपी) द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में गृहकर वृद्धि के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया गया। संगठन के मुख्य संरक्षक कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी (टी.पी. त्यागी) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अप्रत्याशित गृहकर वृद्धि वापस नहीं ली गई तो वर्तमान जनप्रतिनिधियों को इसे अपना “आखिरी कार्यकाल” समझ लेना चाहिए।

कर्नल त्यागी ने कहा कि गाजियाबाद के सभासद, विधायक, सांसद, मेयर और मंत्री—जिन्हें जनता ने अपेक्षा से अधिक सहयोग दिया—उन्हें जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय में याचिका खारिज होने के बाद अब संगठन सर्वोच्च न्यायालय में जाने की तैयारी कर रहा है और शीघ्र ही जनहित याचिका (PIL) दायर की जाएगी।

लाइन पार आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. आर.के. आर्या ने कहा कि नगर आयुक्त के स्थानांतरण के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने प्रशासन पर जनता के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
कोरवा-यूपी के संगठन महासचिव जय दीक्षित ने कहा कि माननीय सभासदों से अनुरोध किया जाएगा कि वे गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाएं।

महासचिव (प्रशासनिक) कैलाश चंद शर्मा ने कहा कि शहरभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर नागरिकों को गृहकर वृद्धि के प्रभाव के बारे में जागरूक किया जाएगा। वहीं, अध्यक्ष डॉ. पवन कौशिक ने कहा कि नगर निगम का मुख्य दायित्व कूड़े का निस्तारण और शुद्ध जल आपूर्ति है, न कि अनावश्यक निर्माण कार्यों के लिए कर भार बढ़ाना।
प्रेस वार्ता में विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारियों—सुभाष शर्मा, सरदार गुरमेल सिंह सिद्धू, चंद्रशेखर, एम.एल. वर्मा, राजकुमार त्यागी सहित अन्य—ने एक स्वर में कहा कि जब तक गृहकर वृद्धि के आदेश वापस नहीं लिए जाते, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

महिला पदाधिकारियों एडवोकेट अंशु त्यागी, डॉ. मधु सिंह, मंजू शर्मा, मंजू घई, सोनाली और मोनिका गोयल ने कहा कि बढ़े हुए गृहकर का सीधा असर आम परिवार की रसोई पर पड़ता है, इसलिए महिलाएं भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करेंगी। संगठन ने दोहराया कि गृहकर वृद्धि के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रहेगा।

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