◼️वैद्य दिनेश कुमार ने पैरालिसिस के अनेक निराश मरीजों को आयर्वेद उपचार से स्वस्थ किया
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- पैरालिसिस के मरीजों के लिए वैद्य दिनेश कुमार उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आए हैं। उन्होंने अनेक मरीजों को अपंग होने से बचाकर उनको नया जीवन प्रदान किया। मरीजों ने उन्हें देवदूत बताया और कहा कि वैद्य दिनेश कुमार के बिना उन्हें अपना जीवन एक अपंग के रूप में बिताना पडता, जिससे उनका पूरा परिवार भी टूट जाता।
वैद्य दिनेश कुमार ने बताया कि आजकल बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मस्तिष्क आघात (स्ट्रोक) के मामलों में वृद्धि के कारण पैरालिसिस (लकवा) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अचानक शरीर के एक हिस्से का काम करना बंद कर देना न केवल मरीज बल्कि पूरे परिवार के लिए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे बहुत से मरीज जो ना जाने कहां-कहां की दवा खाकर जिदंगी से निराश ो चले थे, उन्हें आयुर्वेद ने स्वस्थ कर नया जीवन प्रदान किया। ऐसे ही एक मरीज पैरालिसिस की वजह से काफी परेशान थे।
उन्हें हाथ उठाने में दिक्कत थी और पैरों में मूवमेंट बहुत कम था, और बोलने में भी रुकावट आ गई थी। परिवार पूरी तरह चिंतित था, क्योंकि रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों के लिए भी सहारे की जरूरत पड़ रही थी। वे उनके पास आए और उनका आयुर्वेदिक उपचार और नियमित देखभाल शुरू की गई। हमने शरीर की नसों को पोषण देने, कमजोरी कम करने और धीरे-धीरे मूवमेंट बढ़ाने पर काम किया। धीरे-धीरे बदलाव दिखना शुरू हुआ। पहले हाथों में हल्की हरकत आई, फिर पैरों में ताकत बढ़ने लगी। सबसे बडी बात कि उनके बोलने की क्षमता में भी सुधार होने लगा।
अब वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं और आराम से चल-फिर रहे हैं और अपना सारा कार्य खुद ही कर रहे हैं। वैद्य दिनेश कुमार ने कहा कि आयुर्वेद में पैरालिसिस का बहुत अच्छा इलाज है। ऐसे मरीज जिन्हें डॉक्टरों ने यह कह दिया कि अब उनका ठीक हो पाना संभव नहीं है और उन्हें पूरा जीवन अब दूसरों के सहारे ही गुजारना पडेगा, वे भी आयुुर्वेद इलाज से स्वस्थ हो गए हैं।