विशाल वाणी.....✍🏻
गाजियाबाद :- उत्तर भारत, विशेषकर एनसीआर में तेजी से बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल गाजियाबाद के चेयरमैन और प्रसिद्ध ईएनटी सर्जन डॉ. बी.पी. त्यागी ने बेहद चिंताजनक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एनसीआर की हवा अब केवल प्रदूषित नहीं, बल्कि जीवन के लिए साइलेंट किलर बन चुकी है। धूल की मोटी परतों के कारण पौधों के पत्ते सीओ 2 को अवशोषित नहीं कर पा रहे।
जिससे सीओ 2 का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। यह सीओ 2 और पीएम 2.5 मिलकर अगली पीढ़ियों पर गंभीर असर डालने वाला एक भयावह स्वास्थ्य संकट पैदा कर रहे हैं।
डॉ. त्यागी ने बताया कि सामान्य सीओ 2 स्तर 400-800 होना चाहिए, लेकिन एनसीआर के कई घरों, ऑफिसों और बंद कमरों में यह स्तर कई गुना बढ़ चुका है। उन्होंने कहा बढ़ा सीओ 2 सबसे पहले सिरदर्द, चक्कर, बेचैनी, सांस फूलना, दिल की धड़कन बढ़ना और मानसिक थकावट जैसे संकेत देता
है, पर लोग इन संकेतों को सामान्य मानकर नजर अंदाज कर देते हैं। 1400 पीपीएम पर सोचने और निर्णय लेने की क्षमता क्रमशः 25% और 50% तक घट जाती है। सीओ 2 जब पौधे उपयोग नहीं कर पाएंगे, तो वे ऑक्सीजन नहीं छोड़ पाएंगे। सीओ 2 की अधिकता और ऑक्सीजन की कमी शरीर में मोटापा बढ़ाने तक का कारण बन रही है। डॉ. त्यागी ने कहा कि एनसीआर की हवा अब इतने खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है कि यदि लोग प्रदूषण से बचने के लिए किसी स्वच्छ वातावरण-जैसे पहाड़ी क्षेत्रों की ओर नहीं गए, तो अगले 10 वर्षों में एनसीआर की आबादी एक चौथाई घट जाएगी। यह हवा इंसान को अंदर ही अंदर खत्म कर रही है।