◼️तुलसी का धार्मिक ही नहीं स्वास्थ्य व पर्यावरण की दृष्टि से भी बहुत अधिक महत्व है महंत मुकेशानंद गिरि महाराज वैद्य
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- श्री सिद्धेश्वर वेद विद्यालय में तुलसी पूजन दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। विद्यालय के वैदिक बटुकों ने मां तुलसी का पूजन कियां। विद्यालय के अध्यक्ष व श्री सिद्धेश्वर महादेव कुटी के महंत मुकेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि तुलसी पूजन दिवस हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। तुलसी के पौधे के धार्मिक और औषधीय महत्व को समझते हुए ही साधु.संतों और आम लोगों ने इस दिन तुलसी पूजन दिवस मनाना शुरू कर दिया।
इस पर्व को मनाने की शुरुआत 2014 से हुई और तब से सनातन धर्म के लोग हर वर्ष 25 दिसंबर को पूरी श्रद्धा से तुलसी पूजन दिवस मना रहे हैं। तुलसी के पौधे को पूजनीय माना जाता है। भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय हैं। उन्होंने शालिग्राम रूप में तुलसी से विवाह भी किया है। ागवान विष्णु की प्रिय होने से ही तुलसी का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। यह इतनी पूजनीय है कि सनातन धर्म के हर धार्मिक कार्यक्रम का प्रसाद तुलसी के बिना अधूरा ही माना जाता है। तुलसी का धार्मिक ही पर्यावरण व स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत अधिक महत्व है। यह नकारात्मकता को दूर करने के साथ वातावरण को शुद्ध करती है।
तुलसी के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है और कई प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं। तुलसी पूजन दिवस मनाने का उददेश्य लोगांें को इसके धार्मिक, स्वास्थ्य व पर्यावरणीय महत्व के बारे में बताकर जागरूक करना है। श्री सिद्धेश्वर वेद विद्यालय के बटुकों ने तुलसी पूजन दिवस पर तुलसी माता की पूजा अर्चना की और लोगों को उसके महत्व के बारे में भी बताया।