रिपोर्ट :- अजय रावत
गाज़ियाबाद :- सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष पवन सक्सेना ने कांवड़ यात्रा के महत्व और नियमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्म-शुद्धि और भक्ति का प्रतीक है।
पवन सक्सेना ने कहा कि "कांवड़ यात्रा के समय मन, कर्म और वचन शुद्ध होना चाहिए। इस दौरान शराब, पान, गुटखा, तंबाकू और सिगरेट के सेवन से दूर रहना होता है।"
उन्होंने कांवड़ के नियमों के बारे में बताया: "एक बार कांवड़ उठाने के बाद उसे रास्ते में कहीं भी जमीन पर नहीं रखा जाता है। ऐसा करने पर कांवड़ यात्रा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में कांवड़िए को फिर से पवित्र जल भरकर यात्रा शुरू करनी होती है।"
साथ ही उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के समय कांवड़ियों से चमड़ा स्पर्श नहीं होना चाहिए और न ही कांवड़ को किसी के ऊपर से ले जाना चाहिए। कांवड़ यात्रा कर रहे व्यक्ति के परिवार के लोग भी सभी नियमों का पालन करते हैं।
पवन सक्सेना ने कहा कि सच्ची श्रद्धा और नियमों के पालन से ही कांवड़ लाने वाले भक्त को भोले शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सुभास पार्टी की ओर से सभी कांवड़ियों की सुरक्षित यात्रा की कामना है।