गुरुद्वारा गुरु नानक सिमरन सभा में श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी गुरुपर्व श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ मनाया गया




रिपोर्ट :- अजय रावत 

गाजियाबाद :- भूड भारत नगर स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक सिमरन सभा में पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी का पावन शहीदी गुरुपर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं सेवा भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ, गुरबाणी कीर्तन एवं गुरु इतिहास का संगत के समक्ष विस्तार से वर्णन किया गया। भाई गुरदीप सिंह भाई चरणजीत सिंह व भाई अमरजीत सिंह हजूरी रागी ने मधुर एवं रसपूर्ण कीर्तन ने संगत को गुरु चरणों से जोड़ दिया तथा पूरा वातावरण गुरबाणी के रंग में रंग गया। भीषण गर्मी को देखते हुए गुरुद्वारा गुरु नानक सिमरन सभा द्वारा रेलवे स्टेशन रोड परं ठंडे मीठे जल (छबील) सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों राहगीरों, यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों ने छबील का प्रसाद ग्रहण किया। 

संगत ने बढ़-चढ़कर सेवा में भाग लिया तथा गुरु घर की परंपरा अनुसार तन, मन और धन से योगदान दिया। इस अवसर पर सरदार जगमोहन सिंह जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में लगातार 40 दिनों तक निस्वार्थ सेवा कर संगत के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सरदार जोगिंदर सिंह ने कहा कि श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ थी। 

धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वाेच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना। गुरु साहिब की शहादत के उपरांत सिखों ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प लिया तथा आगे चलकर श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने मीरी-पीरी की परंपरा स्थापित की और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ का सृजन कर धर्म, मानवाधिकार और न्याय की रक्षा के लिए संत-सिपाही की परंपरा को मजबूत किया। गुरु अर्जन देव जी का बलिदान धार्मिक स्वतंत्रता एवं मानवता की रक्षा के इतिहास में अद्वितीय स्थान रखता है। छबील सेवा में गुरुद्वारा कमेटी के सेक्रेटरी सरदार हरचरणजीत सिंह, सरदार यशमीत सिंह, अनिल कुमार,  सरदार सतनाम सिंह, सरदार जसबीर सिंह, पंकज धूपड, राघव, रेहरास सिंह, अरमान सिंह, यश जैन, शिवम् कांति , प्रियंका, लोको शेड से आए सेवादारों आदि ने विशेष योगदान दिया।

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