◼️विश्वेंद्र सिंह के नेतृत्व में गांव अटौर में हुआ भव्य सम्मान
विशाल वाणी.....✍🏻
गाजियाबाद :- अटौर गांव और भदौली गांव के दो युवाओं ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। अटौर गांव निवासी मुकुल सहलोत और भदौली गांव के सिद्धार्थ त्यागी की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवारों को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे इलाके में उत्साह की लहर दौड़ गई है। दोनों युवा अधिकारियों के सम्मान में अटौर गांव में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों, गणमान्य व्यक्तियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
यह कार्यक्रम हिंदू युवा संगठन भारत के जिला उपाध्यक्ष (गाजियाबाद) विश्वेंद्र सिंह के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। समारोह में ग्राम प्रधान रणवीर सिंह, पूर्व प्रधान प्रत्याशी विजय शर्मा, श्याम सिंह चौधरी, बाबा ब्रह्म सिंह, पूर्व प्रधान तेजराम सिंह, पूर्व बीडीसी सदस्य संदीप शर्मा सहित गांव के अनेक सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मुकुल और सिद्धार्थ की कड़ी मेहनत, अनुशासन, लगन और देशभक्ति की भावना की जमकर प्रशंसा की।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत से हुई। दोनों युवा लेफ्टिनेंटों को मंच पर बुलाकर जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया गया। उन्हें पगड़ी बांधी गई, फूलों की मालाएं पहनाई गईं, बुके भेंट किए गए और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। ग्रामीणों ने न केवल तालियां बजाईं, बल्कि उत्साहपूर्ण नारों से उनका हौसला भी बढ़ाया। कई लोगों ने कहा कि ऐसे नौजवान ही देश की वास्तविक शक्ति हैं, जो कठिन परीक्षाओं को पार कर सेना जैसी गरिमामय सेवा में शामिल होकर राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लेते हैं।
मुकुल सहलोत और सिद्धार्थ त्यागी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना देखते थे, जिसे कठोर परिश्रम, नियमित अभ्यास और परिवार-समुदाय के अटूट सहयोग से साकार किया। अब वे लेफ्टिनेंट के रूप में भारतीय सेना की जिम्मेदारियां संभालेंगे और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
बताते चलें कि मुकुल सहलोत के पिता संजय सहलोत स्वयं पूर्व सैनिक हैं और वर्तमान में दिल्ली पुलिस में तैनात हैं। वहीं सिद्धार्थ त्यागी के पिता शिवकुमार त्यागी एक किसान हैं। दोनों परिवारों की पृष्ठभूमि में सेवा और मेहनत की भावना स्पष्ट झलकती है, जिसने इन युवाओं को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।