रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- केंद्र सरकार ने सोमवार को देश की पहली आतंकवाद-रोधी नीति प्रहार जारी की है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष सरदार बलप्रीत सिंह ने इसका स्वागत किया और कहा कि प्रहार से आतंकवाद पर प्रहार कर उसे खत्म करने में अहम मदद मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश की पहली आतंकवाद-रोधी नीति प्रहार लागू होनेू से आतंकवादियों ही नहीं उन्हें धन उपलब्ध कराने वाले, उनके समर्थकों को धन, हथियार और सुरक्षित ठिकानों तक ना पहुंचने देना है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि इस नीति से सीमा पार पाकिस्तान से हो रहे आतंकवाद पर अंकुश लगाया जा सकेगा। आतंकियों को जब धन, हथियार व समर्थन से वंचित कर दिया जाएगा तो आतंकवाद पर अपने आप ही अंकुश लगने लगेगा। इस नीति में साइबर क्राइम, ड्रोन हमलों, सीमापार आतंकवाद और जटिल सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए सुगठित राष्ट्रीय ढांचे का भी प्रावधान किया गया है।
प्रहार सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। पी यानि प्रिवेशन अर्थात रोकथाम, आर यानि रिस्पॉंस अर्थात प्रतिक्रिया, ए यानि एग्रीगेशन ऑफ कैपेस्टिीज यानि आंतरिक क्षमताओं का एकीकृत करना, एच यानि हयूमन राइटस एंड रूल ऑफ लॉ यानि मानवाधिकार और कानून के शासन पर आधारित प्रक्रियाएं, ए यानि अटेन्यूएटिंग रेडिकलाइजेशन यानि कट्टरता सहित आतंकवाद में सहायता करने वाली परिस्थितियों को दूर करना, ए यानि अलाइंनिंग इंटरेशनेशनल एफटर्स आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को संरक्षित करना और आकार देना और आर यानि रिकवरी एंड रेसिलिएंस यानि सामूहिक सामाजिक मजबूती के साथ हमले से रिवरी और सहनशीलता है। इन सात स्तम्भों से जब सीमापार से हो रहे आतंकवाद पर प्रहार होगा तो उसकी कमर अपने आप टूट जाएगी।