◼️भद्रा का साया होने से होलिका दहन के लिए करना होगा लंबा इंतजार
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- आचार्य दीपक तेजस्वी ने कहा कि रंगों का पर्व होली इस बार बहुत खास रहेगी क्योंकि इस बार होली पर 100 वर्ष के बाद कई शुभ योग का संगम हो रहा है। इन योग के चलते इस बार की होली बहंुत ही शुभ होगी। आचार्य दीपक तेजस्वी ने कहा कि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार होली पर्व पर मीन राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति होगी। इसी से बुधादित्य योग, लक्ष्मी.नारायण योग और त्रिग्रही योग बन रहे हैं। ये शुभ योग 100 वर्ष के बाद होली के पर्व पर बन रहे हैं, जिससे होली का पर्व और भी खास हो गया है।
बुधादित्य योग, लक्ष्मी.नारायण योग और त्रिग्रही योग में भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से धन की कमी नहीं रहती है और जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि व खुशहाली बनी रहती है। 13 मार्च को प्रातः 10.35 से पूर्णिमा तिथि होगी और पूर्णिमा तिथि शुरू होते ही होली पूजन का मुहूर्त भी शुरू हो जाएगा। दोपहर 1.30 मिनट से दोपहर 3 बजे तक राहु काल लगेगा और राहु काल में पूजन शुभ नहीं माना जाता है। अतः होली पूजन दोपहर 1.30 बजे से पहले कर लेना चाहिए।
1.30 बजे तक होली पूजन ना हो पाए तो फिर दोपहर 3 बजे राहु काल खत्म होने के बाद ही पूजन करें। आचार्य दीपक तेजस्वी ने बताया कि छोटी होली यानि होलिका दहन वाले दिन इस बार भद्रा का साया रहेगा। इसी के चलते होलिका दहन के लिए लंबा इंतजार करना होगा। भद्रा रात्रि 11 बजकर 26 मिनट तक व्याप्त रहेगी। ऐसे में होलिका दहन उसके बाद ही किया जाना चाहिए।