◼️स्कूल के ग्रुप चेयरमैन व हॉकी गाजियाबाद के अध्यक्ष जे के गौड़, डायरेक्टर डॉ गौड़, वरूण गौड़, प्रधानाचार्या अंजू गौड़ ने करन गौतम को सम्मानित किया
◼️करन गौतम ने कहा, स्कूल ने उनकी प्रतिभा को तराशा तभी यह मुकाम हासिल हुआ
रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :- जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत को विजेता बनाने में गाजियाबाद प्रतिभाशाली युवा हॉकी खिलाड़ी करन गौतम ने अहम भूमिका निभाई। उनकी प्रतिभा को निखारने में जंेकेजी इंटरनेशनल स्कूल विजयनगर का अहम योगदान रहा। इसी के चलते करन गौतम भारत को अंडर 18 में एशिया हॉकी कप में विजेता बनाने के बाद सोमवार को जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल पहुूंचे तो उनका स्कूल व हॉकी गाजियाबाद द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल ग्रुप के चेयरमैन व हॉकी गाजियाबाद के अध्यक्ष जे,के गौड़, स्कूल के डायरेक्टर डॉ करूण गौड़, वरूण गौड़, प्रधानाचार्या अंजू गौड़, हॉकी गाजियाबाद के सचिव राकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष कमलकांत, संयुक्त सचिव राजीव त्यागी, सदस्य पंकज त्यागी, मीडिया प्रभारी राजीव त्यागी, स्कूल के हॉकी कोच पंकज शर्मा व प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र सिंह ने करन गौतम का जोरदार स्वागत किया और स्मृति चिंह भेंटकर उनका सम्मान किया। करन गौतम ने कहा कि जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन जे के गौड़, डायरेक्टर डॉ करूण गौड़, प्रधानाचार्या अंजू गौड़ व कोच पंकज शर्मा ने ना सिर्फ उनकी प्रतिभा को पहचाना, वरन उसे निखारने का कार्य भी किया।
हॉकी गाजियाबाद के पदाधिकारियों ने भी उनका पूरा सपोर्ट किया। इसी के चलते उनका भारत की पुरूष अंडर 18 हॉकी टीम में चयन हुआ और वे जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत को विजेता बनाने में अपना योगदान दे पाए। स्कूल के ग्रुप चेयरमैन जे के गौड़ ने कहा कि स्कूल के लिए यह गर्व की बात है कि वे कक्षा 7 तक स्कूल के विद्यार्थी रहे। उन्होंने 18 में भारत को एशिया कप का विजेता बनाकर स्कूल का ही नहीं गाजियाबाद जनपद, उत्तर प्रदेश व देश का भी नाम रोशन किया है। डायरेक्टर डॉ करूण गौड़ ने कहा कि स्कूल ने करन गौतम का हर प्रकार से सपोर्ट किया। करन गौतम ने अपनी प्रतिभा के बल पर आज जो मुकाम हासिल किया है, वह देश भर के युवाओं को आगे बढने के लिए प्रेरित करेगा।
प्रधानाचार्य अंजू गौड़ ने कहा कि करन गौतम में भारत को हॉकी का विश्व विजेता बनाने की क्षमता है। करन गौतम ने पूरे एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया। अटैकिंग सेंटर हॉफ के रूप में उन्होंने जहां विपक्षी टीमों के हमलों को नाकाम किया, वहीं जब भी जरूरत पडी गोलकर भारत को जीत दिलाने का कार्य भी किया। अपनी इस सफलता से वे पूरे देश के युवाओं के आदर्श बन गए हैं।